मानसिक द्वंद या कहे कि स्वयं के साथ एक लड़ाई। एक ऐसा विषय जो की बड़ा ही तीक्ष्ण है। कई बार जो व्यक्ति हमसे कोई बात या इस समस्या के समाधान पर चर्चा करने का प्रयास भी करता है, तो हमारा गुस्सा उसी पर निकल जाता है। ये समस्या मुख्य रूप से आज कल युवा वर्ग के साथ सबसे ज्यादा है। क्योंकि आज कल की दिनचर्या , ओर उनके इस मानसिक द्वंद से बचने के प्रयास वास्तविकता में उन्हें ओर इस द्वंद के नजदीक ला कर खड़ा कर देते है। जैसे सोशल मीडिया ओर नेटवर्किंग , पर मानसिक तनाव को कम करने का प्रयास जो सिर्फ एक समय मात्र के लिए इन सभी तनाव ओर द्वंद से मुक्ति दिलाते है। ओर वापस एक अत्यंत जटिल मानसिक स्थिति में लाकर वापस खड़ा कर देते है। क्योंकि वो मानसिक द्वंद का कारण नहीं समझ पाते। वास्तविकता यह है की इन मानसिक द्वन्द का कारण वैयक्तिक, आंतरिक एवं बाहरी कुछ भी हो सकते हैं। वैयक्तिक कारण में आपका स्पष्ट जीवन दर्शन ना होना , जिस वजह से आपके व्यव...
Clinical Psychology, Neuro-Psychology